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मई 09, 2020
Cgst Sgst Igst Difference
सीजीएसटी एसजीएसटी और आईजीएसटी 
में क्या अंतर है। 

दोस्तों आज हम बात करेंगे सीजीएसटी एसजीएसटी और आईजीएसटी में क्या डिफरेंस है मतलब सीजीएसटी एक्स एस जीएसटी टैक्स और  आई जीएसटी टैक्स में क्या अंतर है

Friends, today we will talk about what is the difference between CGST SGST and IGST, what is the difference between CGST S GST tax and I GST tax

1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुई और यह तीनों जीएसटी के ही भाग हैं जब किसी भी माल और सेवा पर टैक्स लगता है तो वह दो तरह से लगता है राज्य सरकार और केंद्रीय सरकार कर उदाहरण के लिए जब व्यापारी द्वारा सामान्य वस्तु पर 12% की दर से ग्राहक से जीएसटी वसूल की जाती है तो उसमें सामान भाग में केंद्रीय सरकार का 6% और राज्य सरकार का 6% कर शामिल होता है

GST came into force on 1 July 2017 and all three are part of GST. When any goods and services are taxed, then there are two ways of state government and central government tax, for example, when the trader charges 12% on the general goods  If GST is charged from the customer at the rate, then it includes 6% of the central government and 6% tax of the state government in the goods part.

अब बात आती है आईजीएसटी टैक्स की आईजीएसटी टैक्स एक ऐसा टैक्स होता है जो कि किसी में बांटा नहीं जाता है जैसे अगर कोई व्यापारी उत्तर प्रदेश में रहता है और वह अपना व्यापार उत्तर प्रदेश में ही करता है और वह अपने दूसरे व्यापारी जो कि मुंबई में रहता है उसको अपना माल भेजता है तो उस पर वह जो टैक्स लगाता है उसको आईजीएसटी टैक्स कहते हैं वह आई जीएसटी टैक्स के रूप में लगाया जाएगा।।


Now it comes to IGST tax, IGST tax is a tax which is not divided among anyone, like if a businessman lives in Uttar Pradesh and he does his business in Uttar Pradesh and he can sell his other businessman in Mumbai.  If he sends his goods to him, then the tax he imposes on him is called IGST tax, he will be levied as I GST tax.

दोस्तों बस इतना ही था यह पोस्ट अगर आपको मेरा पोस्ट अच्छा लगा हो तो प्लीज इसे लाइक करते जाइएगा और मेरी और पोस्ट पढ़ने के लिए जो लिंक दिए गए हैं उन पर क्लिक कीजिए और जीएसटी के बारे में अच्छे से अच्छा सीखिए मैं जीएसटी इनकम टैक्स टीडीएस वगैरह से रिलेटेड पोस्ट डालता रहता हूं जो भी जीएसटी में अपडेट आता है मैं वह भी डालता रहता हूं आप मुझे इंस्टाग्राम पर भी फॉलो कर सकते हैं मैं वहां भी आपके सवालों के जवाब दे दूंगा और अगर आपको मुझसे कुछ पूछना है इस पोस्ट के बारे में आप मुझे कमेंट करके बता सकते हैं मैं आपके कमेंट का 24 घंटे के अंदर रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा।।

Friends, this was all this post, if you liked my post, then please keep liking it and click on the links given to read my more posts and learn the best about GST I GST Income Tax TDS  I keep posting related posts from other things, whatever updates come in GST, I keep putting that too, you can follow me on Instagram as well, I am there all the time  Will respond to the foundation and if you ask me about this post, you can tell me to comment, I will try to reply within 24 hours of your comments ..



Thanks/धन्यवाद

INCOME TAX के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/05/who-should-file-income-tax-return.html

TDS रिफंड के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/05/how-to-claim-for-tds-refund-tds-is.html

GST रजिस्ट्रेशन के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/04/why-gst-registration-happens-2.html

GST TAX के बारे में पढ़िए।
https://www.ssgst.in/2020/04/gst-tax-kya-he.html
मई 06, 2020

⏩इनकम टैक्स रिटर्न किसे भरना चाहिए⏪

⇏Who should file income tax return⇐


अगर आपको नौकरी कारोबार या पैसे से इनकम टैक्स छूट की सीमा से अधिक आमदनी होती है तो आपके लिए आइटीआर भरना जरूरी है यानी इनकम टैक्स रिटर्न.

If you are earning more than income tax exemption limit from job business or money, then it is necessary for you to fill ITR i.e. Income Tax Return.

 अगर आप जॉब में है तो कंपनियां और नियोक्ता अपने एंप्लॉय को form-16 जारी कर चुकी होंगी आम नौकरीपेशा व्यक्ति भी अपनी आमदनी निवेश टैक्स कटौती और ईपीएफ ईपीएफ आदि से दस्तावेजों को संभालना शुरू कर देता है आयकर रिटर्न आईटीआर भरना और इनकम टैक्स जमा करने में फर्क है इनकम टैक्स रिटर्न आईटीआर भरने के मतलब सरकार को अपनी आमदनी निवेश और हर्ष की जानकारी देना है आयकर रिटर्न आईटीआर भरने के बाद अगर आप पर टैक्स देनदारी बनती है तो आपको कर चुकाना पड़ता है

If you are in job then companies and employers must have issued form-16 to their employees. A common working person also starts handling documents from their income investment tax deduction and EPF EPF etc. In filing ITR and submitting income tax  The difference is to fill the income tax return ITR means the government has to give information about its income, investment and happiness, after filling the ITR, if you are on it  Aks if liability is made, you have to pay taxes

सवाल यह भी है कि आखिर आयकर रिटर्न भरना क्यों जरूरी है सबसे पहले तो अगर आप भारत के नागरिक हैं या प्रवासी भारतीय हैं और आपकी किसी एक वित्त वर्ष में कुल सालाना आय ₹500000 से ज्यादा है तो आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न आईटीआर भरना जरूरी है हाल ही में इनकम टैक्स की अमाउंट 500000 हुई है वरना इससे पहले इसकी इनकम ₹250000 थी


The question is also why it is important to file income tax returns. Firstly, if you are a citizen of India or a non-resident Indian and your total annual income in any one financial year is more than ₹ 500000, then it is necessary for you to file income tax return ITR.  Recently the amount of income tax has been 500000 or else before that its income was ₹ 250000.


वास्तव में देश के हर नागरिक को आयकर रिटर्न आईटीआर दाखिल करना चाहिए अब डिजिटल इंडिया के इस जमाने में थोड़ी सी लापरवाही की वजह से आपको आयकर विभाग का नोटिस मिल सकता है जीएसटी के वित्त वर्ष में अगर आप की कुल आमदनी सिर्फ कृषि और उससे जुड़े कार्य से होती है तो आप आइटीआर भरने की जरूरत नहीं है इसके साथ ही अगर आपकी कुल सालाना आमदनी ₹500000 से कम है तब भी आपके लिए आईटीआर भरना जरूरी नहीं है

In fact, every citizen of the country should file ITR, ITR now due to some negligence in this era of Digital India, you can get notice of Income Tax Department in the financial year of GST if your total income is only for agriculture and allied activities.  If you do not have to fill ITR, then it is not necessary for you to fill ITR even if your total annual income is less than ₹ 500000.


gst registration के  बारे में पढ़िए।।    https://www.ssgst.in/2020/04/why-gst-registration-happens-2.html

Tds के बारे में पढ़िए।  https://www.ssgst.in/2020/04/what-is-tds-and-why-is-it-deducted.html

gst बिल के बारे में पढ़िए।
https://www.ssgst.in/2020/04/what-is-gst-bill.html 
 अगर आप नौकरी या कारोबार करते हैं और आपकी कुल सालाना आमदनी ₹500000 से कम है तब भी आप आइटीआर फाइल कर सकते हैं


You can file an ITR even if you have a job or business and your total annual income is less than ₹ 500000


अब हम आपको बताते हैं कि आईटीआर की जरूरत कहां कहां पड़ सकती है इस रिटर्न की जरूरत होम लोन लेने के वक्त भी पड़ सकती है आपका आइटीआर वास्तव में यह बताता है कि आपकी आय पिछले सालों में कितनी रह रही है और कर्ज चुकाने के मामले में आपकी आय स्थिति है या नहीं

Now we tell you where the need for ITR may be required. This return may be needed even when taking a home loan. Your ITR actually tells how much your income has been living in the last years and in terms of repaying the loan.  Whether you have income status


आपने इसमें लिखे सारी बातें पढ़ी होंगी और आपको यह भी समझ आ गया होगा कि आईटीआर कोई भी भर सकता है लेकिन अगर किसी की इनकम 500000 से ऊपर है सालाना तो उसके लिए आइटीआर जरूरी हो जाता है और अगर नीचे है तो उसके लिए जरूरी नहीं है पर वह चाहे तो भर सकता है आइटीआर भरना मेरे हिसाब से सबके लिए जरूरी है सभी आईटीआर भरे इससे क्या होता है कि अगर आपको कभी लोन की जरूरत पड़ती है तो बैंक आपको लोन समय पर प्रोवाइड करती है

You must have read all the things written in it and you must have also understood that ITR can be filled by anyone, but if someone's income is above 500000 annually, then ITR becomes necessary for him and if it is below then it is not necessary for him.  But if he wants, he can fill the ITR, according to me it is necessary for everyone to fill all the ITRs. What happens if you ever need a loan, the bank will provide you the loan on time.  Land




अगर आपको मेरी लिखी बात समझ आई हो तो प्लीज कमेंट करके बताएं और अगर मुझसे कुछ पूछना है तो भी आप मुझे कमेंट कर सकते हैं या मुझे इंस्टाग्राम पर भी फॉलो कर सकते हैं मैं वहां भी आपको सारे सवालों के जवाब दूंगा।।

If you have understood what I have written, please tell me by commenting and if you have anything to ask, you can comment me or follow me on Instagram, I will answer all the questions there too.



Thanks/धन्यवाद

मई 03, 2020
टीडीएस रिफंड के लिए क्लेम कैसे करें?
How to claim for TDS refund?



टीडीएस वह रकम होती है जो आपके वेतन से टैक्स के तौर पर काटी जाती है टैक्स की यह रकम आपके आर्गेनाईजेशन या कंपनी के द्वारा काटी जाती है ज्यादातर प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्मचारी द्वारा घोषित कर अनुमानों के आधार पर हर महीने टीडीएस काटा रहता है

TDS is the amount that is deducted as tax from your salary. This amount of tax is deducted by your organization or company. Mostly TDS is deducted every month based on the tax estimates declared by the employee at the beginning of every financial year.

टीडीएस रिफंड क्या है
What is TDS refund

कई बार यह देखा जाता है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत के दौरान घोषित किए गए निवेश अनुमान उस वर्ष के अंत में किए गए वास्तविक निवेश से मेल नहीं खाते हैं यदि वित्तीय वर्ष के अंत में कटौती किए गए कांटेक्ट और आयकर भुगतान राशि उस वर्ष के लिए मेल नहीं खाते हैं तो टीडीएस रिफंड की स्थिति पैदा होती है

Many times it is observed that the investment estimates announced during the beginning of the financial year do not match the actual investment made at the end of that year if the deducted contact and income tax payment amount at the end of the financial year for that year  TDS refund status arises if they do not match

टीडीएस रिफंड के लिए उदाहरण
Example for TDS refund

मान लीजिए संदीप नाम का कोई व्यक्ति बेंगलुरु के एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है पिछले साल सेक्शन 80 सी के तहत एलआईसी प्रीमियम छूट के लिए उसे दस्तावेज जमा करने में देर हो गई नदी जन उसकी कंपनी टीडीएस के रूप में ₹20000 की अतिरिक्त कटौती करेगी वर्ष

Suppose someone named Sandeep works in a multinational company in Bengaluru. Last year, Nadi Jan, his company has been late in submitting documents for LIC premium exemption under section 80C. His company will deduct an additional ₹ 20000 as TDS.  The year

पिछले साल चुकाया गया संदीप का कुल आयकर ₹30000 हो गया था जबकि वास्तव में यह केवल ₹₹10000 होना चाहिए उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा क्योंकि उन्होंने समय पर एलआईसी प्रीमियम रसीद नहीं जमा की थी

Sandeep's total income tax paid last year was ₹ 30000 whereas in reality it should only be ₹ 10000. He had to pay extra as he had not submitted LIC premium receipt on time.

आयकर रिफंड क्या है
What is income tax refund

आयकर के अंतर्गत तृतीय द्वितीय वर्ष की शुरुआत में अनुमानित निवेश राशि घोषित करनी होती है हालांकि कई बार कई कारणों से घोषित राशि वास्तविक निवेश राशि से मेल नहीं खाती यह उन वित्तीय निवेश ओं के कारण हो सकता है जो वित्तीय वर्ष के मध्य में शुरू होते हैं या अन्य कारकों के कारण आए में अंतर होते हैं ऐसे मामले में जहां व्यक्ति को वित्तीय वर्ष के लिए आवश्यकता से अधिक कर चुकाना होता है ऐसे में सरकार आयकर रिफंड के लिए आवेदन करने का विकल्प देती है

Under the income tax, the estimated investment amount has to be declared at the beginning of the third year, although sometimes the declared amount does not match the actual investment amount due to several reasons. This may be due to financial investments that start in the middle of the financial year.  Or due to other factors, there is a difference in the case where the person has to pay more than the tax required for the financial year.  Rakar gives option to apply for income tax refund

आइटीआर कैसे काम करता है
How does itr work

यदि आपकी इनकम स्केल यानी की आय का स्तर आयकर के लिए लागू नहीं है और आपकी कंपनी ने कर के रूप में कुछ निश्चित राशि काट दी है तो आप आइटीआर फॉर्म भरकर उस राशि को वापस पा सकते हैं आइटीआर ऐसी स्थिति में भी लागू होता है जहां अपने आवश्यक कर राशि से अधिक भुगतान किया हो आपके द्वारा दिए गए ब्योर के आधार पर आयकर विभाग कर योग्य राशि की गणना और समीक्षा करेगा यदि आप रिफंड के लिए योग्य होंगे तो यह राशि सीधे आपके अकाउंट में आ जाएगी।।


If your income scale ie income level is not applicable for income tax and your company has deducted certain amount as tax then you can get that amount back by filling the ITR form. ITR is also applicable in such situation where  The Income Tax Department will calculate and review the taxable amount based on the details given by you.  Sector will arrive in your account

TDS रिफंड पर ब्यास
Beas on TDS refund

आयकर अधिनियम की धारा 200 A के तहत यदि आयकर विभाग आपके लिए लागू कर वापसी का भुगतान करने में देर करती है तो रिफंड की राशि पर आपको 6% प्रतिवर्ष साधारण ब्याज मिलेगा यह ब्यास किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल मिल से मिलना शुरू होता है हालांकि यदि टैक्स रिफंड 1 वर्ष में कुल कर का 10% से कम है तो ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है

Under Section 200A of the Income Tax Act, if the Income Tax Department fails to pay the applicable tax refund for you, then you will get a simple interest of 6% per annum on the refund amount.  However, interest is not paid if the tax refund is less than 10% of the total tax in 1 year.

दोस्तों अगर आपको मेरी बताई बातो में से कोई बात समझ नहीं आयी हो तो आप मुझे कमैंट्स कर सकते में आपकी कमैंट्स का रिप्लाई 24 घंटे के अंदर देने की कोशिश करूँगा

Friends, if you have not understood any of the things I have told you, then you can comment me, I will try to reply to your comments within 24 hours.


Thanks/धन्यावद 
अप्रैल 23, 2020
टीडीएस क्या है और यह क्यों काटा जाता है
What is TDS and why is it deducted.
अप्रैल 23, 2020
जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों होता है
Why GST registration happens



हेलो दोस्तों आज हम जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बारे में बात करेंगे कि यह रजिस्ट्रेशन क्यों होता है और इसके दायरे में कौन-कौन आता है दोस्तों जीएसटी में जितना भी काम है चाहे वह फोन का बिजनेस या फिर किसी बड़ी कंपनी का बिजनेस अब उसे जीएसटी के दायरे में काम करना होगा पहले कई तरह के टैक्स लगाए जाते थे जैसे 2 परसेंट २.५ परसेंट 5 परसेंट कई तरह के टैक्स होते थे इसीलिए अब जीएसटी में केवल और केवल एक ही तरह का टैक्स देना होगा जीएसटी में सारा का ऑनलाइन आ गया है रिटर्न टैक्स बाकी काम की ऑनलाइन आ गया है चलिए अब हम बात करते हैं जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों होता

Hello friends, today we will talk about GST registration, why this registration is done and who comes under its purview, Friends, whatever work is done in GST, whether it is the business of the phone or the business of a big company, now it is given the scope of GST  In the past, many types of taxes were imposed, such as 2 percent, 2.5 percent, 5 percent, there were many types of taxes, so now only one and only one in GST  The same has to pay taxes coming online all the line has come tax returns rest GST Now lets talk GST Registration why

अगर किसी को अपना नया काम स्टार्ट करना है तो उसको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा क्योंकि इसमें जब वह व्यक्ति माल खरीदेगा तो दूसरे व्यक्ति को टैग देगा पर जब वह व्यक्ति माल बेचेगा तो उस पर भी वह टैक्स लेगा यदि किसी को भी अपना काम या बिजनेस आगे बढ़ाना है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा बिना रजिस्ट्रेशन कराएं वह अपना काम बड़े लेवल पर नहीं ले जा सकता है इसमें रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कुछ प्रोसेस होते हैं और कुछ आईडीएस भी लगती हैं लेकिन दोस्तों यह आपको ध्यान रखना होगा कि अगर कोई भी काम करना है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा अगर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ होगा तो आप अपना काम बड़े लेवल पर नहीं ले जा सकते हैं जिसकी वजह से आपको अपना काम छोटे से लेवल पर ही करना होगा और हर इंसान चाहता है कि उसका काम बड़े लेवल पर पहुंचे।।

If someone has to start his new job, then he will have to get GST registration because in it, when that person buys the goods, then he will tag the other person, but when that person sells the goods, then he will also take tax on it if anyone has to carry on his work or business.  If you want to increase, you have to register in GST, without registration, it cannot take its work to a big level to register in it.  There are some processes and some IDs are also installed, but friends, you have to keep in mind that if any work is to be done, then registration has to be done in GST, if GST registration is not done then you cannot take your work to a bigger level.  Because of this, you have to do your work at a small level and every person wants his work to reach the big level.



जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार कार्ड पैन कार्ड एड्रेस प्रूफ कैंसिल चेक पासपोर्ट साइज फोटो लगती है और इसका रजिस्ट्रेशन आप अपने हाथ से भी कर सकते हैं अगर आपको आता हो तो अगर आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना है तो आप मुझे कांटेक्ट भी कर सकते हैं मैं रजिस्ट्रेशन भी करता हूं और अकाउंट में भी करता हूं ।।

For registering in GST, Aadhar card PAN card address proof cancell check passport size photo appears and you can register it manually, if you come, if you want to register GST then you can also contact me  I also register and do it in my account.

टीडीएस के बारे में पढ़िए।
https://www.ssgst.in/2020/04/what-is-tds-and-why-is-it-deducted.html

इनकम टैक्स के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/05/who-should-file-income-tax-return.html

cgst sgst और igst के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/04/cgst-sgst-or-igst-tax-kab-lagaye-jate-he.html

एकाउंटिंग के बड़े में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/04/accounting.html

अब बात करते हैं जीएसटी के दायरे में कौन-कौन आता है।।

Now let's talk about who comes under the purview of GST.

दोस्तों टर्नओवर के आधार पर जीएसटी के दायरे में आने की लिमिट दी गई है जैसे किसी फर्म का टर्नओवर ₹2000000 सालाना है तो उसे जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा पहले की लिमिट 2000000 रुपए थी बट अब यह लिमिट पढ़कर ₹4000000 हो गई है अब अगर किसी का टर्नओवर 4000000 रुपए है तो उनको अपना जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवना होगा ।।

Friends, the limit has been given to come under GST on the basis of turnover, as if the turnover of a firm is ₹ 2000000 per annum, then it has to be registered in GST, the earlier limit was Rs. 2000000 but now this limit has been read to ₹ 4000000.  If the turnover is Rs. 4000000, then they will have to register themselves in GST.

लेकिन अगर किसी फर्म का टर्नओवर 4000000 से नीचे है तो उसको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है वह अपना काम कर सकता है अगर कभी भविष्य में उनका काम 4000000 turn over से ऊपर पहुंचे तो उनको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लेना चाहिए तभी उस फॉर्म का काम आगे बढ़ सकता है वरन वह फर्म काम नहीं कर पाएगी।।

But if the turnover of a firm is below 4000000, then there is no need to register it in GST, it can do its work. If their work reaches above 4000000 turn over in future, then they should get GST registration only then work of that form  Can proceed but that firm will not be able to work.



दोस्तों अगर आपको मेरी पोस्ट पसंद आई हो तो आप मुझे कमेंट करके बता सकते हैं और अगर आपको मुझसे कुछ पूछना है तो भी आप मुझसे कमेंट करके पूछ सकते हैं मैं आपको 24 घंटे के अंदर रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा।।

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  Thanks/ धन्यवाद

जी एस टी बिल क्या है what is gst bill

अप्रैल 18, 2020
जी एस टी (वस्तु एवं सेवा कर) बिल क्या है ।
What is GST (Goods and Services Tax) bill ।।

CGST, SGST OR IGST TAX KAB LAGAYE JATE HE

अप्रैल 15, 2020

⏭CGST ,SGST OR IGST ⏮
CGST. SGST. AND IGST.

GSTR 2A RETURN KYA HAI

अप्रैल 13, 2020

GSTR 2A. RETURN KYA HAI

OR

   GSTR 2A. ME KONSI FIGURE JATI HAI.   

 
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