जी एस टी (वस्तु एवं सेवा कर) बिल क्या है ।

जी एस टी (वस्तु एवं सेवा कर) बिल क्या है ।



दोस्तों आज हम बात करेंगे जीएसटी बिल क्या होता है !!

जी एस टी 3 अगस्त 2016 को हमारे देश भारत में जी एस टी बिल लाया गया !!

आसान भाषा में समझा जाए तो अब सभी वस्तुओं पर एक ही टैक्स लगेगा जो है जी एस पी साथ ही जो टैक्स पहले लगते थे वे tax अब नहीं लगेंगे !!

WHat is gst

जी एस टी बिल  !!

वस्तु एवं सेवा कर भारत में अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में बदलाव का बहुत बड़ा कदम है विभिन्न केंद्रीय करो और राज्य करो को मिलाना या समाप्त करना और इनके स्थान पर एक नए कर लगाने से दोहरे करोड़ पढ़ (Double Taxation) और कैस्केडिंग इफेक्ट (casecading Efect) खत्म होगा और इसका फायदा राष्ट्रीय बाजार को मिलेगा अगर एक आम आदमी के दृष्टिकोण से देखा जाए तो उसके द्वारा चुकाए जाने वाले सभी करो की मात्रा में कमी आ जाएगी जिनका भार वह लगभग 25 से 30 परसेंट तक बहन आइए अब हम बात करेंगे जी एस टी बिल क्या है। जी एस टी बेल एक कार से संबंधित बिल है जिसे अधिकारिक रूप से "The Constitution Amendment Gst Bill 2014"
के नाम से भी जाना जाता है !!

राज्यसभा मैं यह बिल 3 अगस्त 2016 को तथा लोकसभा में मई 2015 को पारित किया गया था जीएसटी बिल एक अप्रत्यक्ष कर है इससे कर टैक्स देने वाले व्यक्तियों को बहुत सारी सुविधा मिलने लगी है !!

GST रजिस्ट्रेशन  के बारे में पढ़िए ,https://www.ssgst.in/2020/04/why-gst-registration-happens-2.html

GSTR 3B RETURN के बारे में पढ़िए ,https://www.ssgst.in/2020/04/gstr-3b-retuns-me-konsi-figure-jati-he.html?m=1

GST के बारे में पढ़िए,https://www.ssgst.in/2020/04/gstr-3b-retuns-me-konsi-figure-jati-he.html?m=1

ACCOUNTING के बारे में पढ़िए ,https://www.ssgst.in/2020/04/accounting.html?m=1

अब बात आती है जीएसटी बिल में क्या क्या होना चाहिए !!

जी एस टी बिल जब बनाया जाता है तो उसमें जिस फर्म को सेल की जाती है उस फर्म का नाम उस फर्म का जीएसटी नंबर उस फर्म का एड्रेस लिखा होना  चाहिए और इसके साथ-साथ बिल पर काफी बातें लिखी होती हैं जैसे एस 


चाहिए और इसके साथ-साथ बिल पर काफी बातें लिखी होती हैं जैसे एसजीएसटी सीजीएसटी और आईजीएसटी टैक्स उसी के नीचे वाले कॉलम में राउंड ऑफ या भाड़ा या धुलाई जिस फर्म का वह बिल होता है उस फर्म के हिसाब से बिल बुक या बिल तैयार किया जाता है और इस बिल के सबसे लास्ट में प्रोपराइटर यानी फर्म के मालिक के सिग्नेचर होते हैं अगर फर्म के मालिक का इस बिल पर सिग्नेचर नहीं होगा तो यह बिल नहीं माना जाएगा यह बिल बेकार की गिनती में आएगा इस बिल की कोई मान्यता नहीं होगी जीएसटी बिल के सबसे ऊपर जीएसटी इन वॉइस या टैक्स इनवॉइस या बिल आफ सप्लाई जैसी बातें लिखी होती हैं !!

तो दोस्तों यह था आज का मेरा पोस्ट इसमें मैंने आज आपको जो भी समझाया है अगर आपको समझ नहीं आया हो तो आप मुझे कमेंट करके पूछ सकते हैं मैं आपकी कमेंट का 24 घंटे के अंदर रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा और दोस्तों आपको मेरा पोस्ट अच्छा लगा हो तो प्लीज आप मुझे कमेंट करके बता सकते हैं ।।

अगर आपको gstr-1 जीएसटीआर 3b यह जीएसटी के बारे में पढ़ना है तो आप मेरी दूसरी पोस्ट पर जा सकते हैं मैंने इन सब के बारे में भी लिख रखा है आपको उसके लिंक मेरी इस पोस्ट के नीचे ही मिल जाएंगे धन्यवाद !!

               Thanks 


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