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जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों होता है
Why GST registration happens



हेलो दोस्तों आज हम जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बारे में बात करेंगे कि यह रजिस्ट्रेशन क्यों होता है और इसके दायरे में कौन-कौन आता है दोस्तों जीएसटी में जितना भी काम है चाहे वह फोन का बिजनेस या फिर किसी बड़ी कंपनी का बिजनेस अब उसे जीएसटी के दायरे में काम करना होगा पहले कई तरह के टैक्स लगाए जाते थे जैसे 2 परसेंट २.५ परसेंट 5 परसेंट कई तरह के टैक्स होते थे इसीलिए अब जीएसटी में केवल और केवल एक ही तरह का टैक्स देना होगा जीएसटी में सारा का ऑनलाइन आ गया है रिटर्न टैक्स बाकी काम की ऑनलाइन आ गया है चलिए अब हम बात करते हैं जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों होता

Hello friends, today we will talk about GST registration, why this registration is done and who comes under its purview, Friends, whatever work is done in GST, whether it is the business of the phone or the business of a big company, now it is given the scope of GST  In the past, many types of taxes were imposed, such as 2 percent, 2.5 percent, 5 percent, there were many types of taxes, so now only one and only one in GST  The same has to pay taxes coming online all the line has come tax returns rest GST Now lets talk GST Registration why

अगर किसी को अपना नया काम स्टार्ट करना है तो उसको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा क्योंकि इसमें जब वह व्यक्ति माल खरीदेगा तो दूसरे व्यक्ति को टैग देगा पर जब वह व्यक्ति माल बेचेगा तो उस पर भी वह टैक्स लेगा यदि किसी को भी अपना काम या बिजनेस आगे बढ़ाना है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा बिना रजिस्ट्रेशन कराएं वह अपना काम बड़े लेवल पर नहीं ले जा सकता है इसमें रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कुछ प्रोसेस होते हैं और कुछ आईडीएस भी लगती हैं लेकिन दोस्तों यह आपको ध्यान रखना होगा कि अगर कोई भी काम करना है तो जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा अगर जीएसटी रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ होगा तो आप अपना काम बड़े लेवल पर नहीं ले जा सकते हैं जिसकी वजह से आपको अपना काम छोटे से लेवल पर ही करना होगा और हर इंसान चाहता है कि उसका काम बड़े लेवल पर पहुंचे।।

If someone has to start his new job, then he will have to get GST registration because in it, when that person buys the goods, then he will tag the other person, but when that person sells the goods, then he will also take tax on it if anyone has to carry on his work or business.  If you want to increase, you have to register in GST, without registration, it cannot take its work to a big level to register in it.  There are some processes and some IDs are also installed, but friends, you have to keep in mind that if any work is to be done, then registration has to be done in GST, if GST registration is not done then you cannot take your work to a bigger level.  Because of this, you have to do your work at a small level and every person wants his work to reach the big level.



जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आधार कार्ड पैन कार्ड एड्रेस प्रूफ कैंसिल चेक पासपोर्ट साइज फोटो लगती है और इसका रजिस्ट्रेशन आप अपने हाथ से भी कर सकते हैं अगर आपको आता हो तो अगर आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना है तो आप मुझे कांटेक्ट भी कर सकते हैं मैं रजिस्ट्रेशन भी करता हूं और अकाउंट में भी करता हूं ।।

For registering in GST, Aadhar card PAN card address proof cancell check passport size photo appears and you can register it manually, if you come, if you want to register GST then you can also contact me  I also register and do it in my account.

टीडीएस के बारे में पढ़िए।
https://www.ssgst.in/2020/04/what-is-tds-and-why-is-it-deducted.html

इनकम टैक्स के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/05/who-should-file-income-tax-return.html

cgst sgst और igst के बारे में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/04/cgst-sgst-or-igst-tax-kab-lagaye-jate-he.html

एकाउंटिंग के बड़े में पढ़िए। 
https://www.ssgst.in/2020/04/accounting.html

अब बात करते हैं जीएसटी के दायरे में कौन-कौन आता है।।

Now let's talk about who comes under the purview of GST.

दोस्तों टर्नओवर के आधार पर जीएसटी के दायरे में आने की लिमिट दी गई है जैसे किसी फर्म का टर्नओवर ₹2000000 सालाना है तो उसे जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा पहले की लिमिट 2000000 रुपए थी बट अब यह लिमिट पढ़कर ₹4000000 हो गई है अब अगर किसी का टर्नओवर 4000000 रुपए है तो उनको अपना जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करवना होगा ।।

Friends, the limit has been given to come under GST on the basis of turnover, as if the turnover of a firm is ₹ 2000000 per annum, then it has to be registered in GST, the earlier limit was Rs. 2000000 but now this limit has been read to ₹ 4000000.  If the turnover is Rs. 4000000, then they will have to register themselves in GST.

लेकिन अगर किसी फर्म का टर्नओवर 4000000 से नीचे है तो उसको जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है वह अपना काम कर सकता है अगर कभी भविष्य में उनका काम 4000000 turn over से ऊपर पहुंचे तो उनको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लेना चाहिए तभी उस फॉर्म का काम आगे बढ़ सकता है वरन वह फर्म काम नहीं कर पाएगी।।

But if the turnover of a firm is below 4000000, then there is no need to register it in GST, it can do its work. If their work reaches above 4000000 turn over in future, then they should get GST registration only then work of that form  Can proceed but that firm will not be able to work.



दोस्तों अगर आपको मेरी पोस्ट पसंद आई हो तो आप मुझे कमेंट करके बता सकते हैं और अगर आपको मुझसे कुछ पूछना है तो भी आप मुझसे कमेंट करके पूछ सकते हैं मैं आपको 24 घंटे के अंदर रिप्लाई देने की कोशिश करूंगा।।

Friends, if you liked my post then you can tell me by commenting and if you want to ask me anything, you can still ask me by commenting, I will try to reply to you within 24 hours.

  Thanks/ धन्यवाद

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