टीडीएस रिफंड के लिए क्लेम कैसे करें?

टीडीएस रिफंड के लिए क्लेम कैसे करें


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टीडीएस वह रकम होती है जो आपके वेतन से टैक्स के तौर पर काटी जाती है टैक्स की यह रकम आपके आर्गेनाईजेशन या कंपनी के द्वारा काटी जाती है ज्यादातर प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्मचारी द्वारा घोषित कर अनुमानों के आधार पर हर महीने टीडीएस काटा रहता है

टीडीएस रिफंड क्या है

कई बार यह देखा जाता है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत के दौरान घोषित किए गए निवेश अनुमान उस वर्ष के अंत में किए गए वास्तविक निवेश से मेल नहीं खाते हैं यदि वित्तीय वर्ष के अंत में कटौती किए गए कांटेक्ट और आयकर भुगतान राशि उस वर्ष के लिए मेल नहीं खाते हैं तो टीडीएस रिफंड की स्थिति पैदा होती है

टीडीएस रिफंड के लिए उदाहरण

मान लीजिए संदीप नाम का कोई व्यक्ति बेंगलुरु के एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है पिछले साल सेक्शन 80 सी के तहत एलआईसी प्रीमियम छूट के लिए उसे दस्तावेज जमा करने में देर हो गई नदी जन उसकी कंपनी टीडीएस के रूप में ₹20000 की अतिरिक्त कटौती करेगी वर्ष

पिछले साल चुकाया गया संदीप का कुल आयकर ₹30000 हो गया था जबकि वास्तव में यह केवल ₹₹10000 होना चाहिए उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा क्योंकि उन्होंने समय पर एलआईसी प्रीमियम रसीद नहीं जमा की थी

आयकर रिफंड क्या है

आयकर के अंतर्गत तृतीय द्वितीय वर्ष की शुरुआत में अनुमानित निवेश राशि घोषित करनी होती है हालांकि कई बार कई कारणों से घोषित राशि वास्तविक निवेश राशि से मेल नहीं खाती यह उन वित्तीय निवेश ओं के कारण हो सकता है जो वित्तीय वर्ष के मध्य में शुरू होते हैं या अन्य कारकों के कारण आए में अंतर होते हैं ऐसे मामले में जहां व्यक्ति को वित्तीय वर्ष के लिए आवश्यकता से अधिक कर चुकाना होता है ऐसे में सरकार आयकर रिफंड के लिए आवेदन करने का विकल्प देती है

आइटीआर कैसे काम करता है

यदि आपकी इनकम स्केल यानी की आय का स्तर आयकर के लिए लागू नहीं है और आपकी कंपनी ने कर के रूप में कुछ निश्चित राशि काट दी है तो आप आइटीआर फॉर्म भरकर उस राशि को वापस पा सकते हैं आइटीआर ऐसी स्थिति में भी लागू होता है जहां अपने आवश्यक कर राशि से अधिक भुगतान किया हो आपके द्वारा दिए गए ब्योर के आधार पर आयकर विभाग कर योग्य राशि की गणना और समीक्षा करेगा यदि आप रिफंड के लिए योग्य होंगे तो यह राशि सीधे आपके अकाउंट में आ जाएगी।।


TDS

TDS रिफंड पर ब्यास

आयकर अधिनियम की धारा 200 A के तहत यदि आयकर विभाग आपके लिए लागू कर वापसी का भुगतान करने में देर करती है तो रिफंड की राशि पर आपको 6% प्रतिवर्ष साधारण ब्याज मिलेगा यह ब्यास किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल मिल से मिलना शुरू होता है हालांकि यदि टैक्स रिफंड 1 वर्ष में कुल कर का 10% से कम है तो ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है

दोस्तों अगर आपको मेरी बताई बातो में से कोई बात समझ नहीं आयी हो तो आप मुझे कमैंट्स कर सकते में आपकी कमैंट्स का रिप्लाई 24 घंटे के अंदर देने की कोशिश करूँगा

Thank you

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