How to claim for TDS refund?

टीडीएस रिफंड के लिए क्लेम कैसे करें?


tds refund


टीडीएस वह रकम होती है जो आपके वेतन से टैक्स के तौर पर काटी जाती है टैक्स की यह रकम आपके आर्गेनाईजेशन या कंपनी के द्वारा काटी जाती है ज्यादातर प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर्मचारी द्वारा घोषित कर अनुमानों के आधार पर हर महीने टीडीएस काटा रहता है

TDS is the amount that is deducted as tax from your salary. This amount of tax is deducted by your organization or company. Mostly TDS is deducted every month based on the tax estimates declared by the employee at the beginning of every financial year.

टीडीएस रिफंड क्या है


कई बार यह देखा जाता है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत के दौरान घोषित किए गए निवेश अनुमान उस वर्ष के अंत में किए गए वास्तविक निवेश से मेल नहीं खाते हैं यदि वित्तीय वर्ष के अंत में कटौती किए गए कांटेक्ट और आयकर भुगतान राशि उस वर्ष के लिए मेल नहीं खाते हैं तो टीडीएस रिफंड की स्थिति पैदा होती है

What is TDS refund

Many times it is observed that the investment estimates announced during the beginning of the financial year do not match the actual investment made at the end of that year if the deducted contact and income tax payment amount at the end of the financial year for that year  TDS refund status arises if they do not match

टीडीएस रिफंड के लिए उदाहरण
Example for TDS refund

मान लीजिए संदीप नाम का कोई व्यक्ति बेंगलुरु के एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है पिछले साल सेक्शन 80 सी के तहत एलआईसी प्रीमियम छूट के लिए उसे दस्तावेज जमा करने में देर हो गई नदी जन उसकी कंपनी टीडीएस के रूप में ₹20000 की अतिरिक्त कटौती करेगी वर्ष

Suppose someone named Sandeep works in a multinational company in Bengaluru. Last year, Nadi Jan, his company has been late in submitting documents for LIC premium exemption under section 80C. His company will deduct an additional ₹ 20000 as TDS.  The year

पिछले साल चुकाया गया संदीप का कुल आयकर ₹30000 हो गया था जबकि वास्तव में यह केवल ₹₹10000 होना चाहिए उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा क्योंकि उन्होंने समय पर एलआईसी प्रीमियम रसीद नहीं जमा की थी

Sandeep's total income tax paid last year was ₹ 30000 whereas in reality it should only be ₹ 10000. He had to pay extra as he had not submitted LIC premium receipt on time.

आयकर रिफंड क्या है

आयकर के अंतर्गत तृतीय द्वितीय वर्ष की शुरुआत में अनुमानित निवेश राशि घोषित करनी होती है हालांकि कई बार कई कारणों से घोषित राशि वास्तविक निवेश राशि से मेल नहीं खाती यह उन वित्तीय निवेश ओं के कारण हो सकता है जो वित्तीय वर्ष के मध्य में शुरू होते हैं या अन्य कारकों के कारण आए में अंतर होते हैं ऐसे मामले में जहां व्यक्ति को वित्तीय वर्ष के लिए आवश्यकता से अधिक कर चुकाना होता है ऐसे में सरकार आयकर रिफंड के लिए आवेदन करने का विकल्प देती है

What is income tax refund

Under the income tax, the estimated investment amount has to be declared at the beginning of the third year, although sometimes the declared amount does not match the actual investment amount due to several reasons. This may be due to financial investments that start in the middle of the financial year.  Or due to other factors, there is a difference in the case where the person has to pay more than the tax required for the financial year.  Rakar gives the option to apply for income tax refund

आइटीआर कैसे काम करता है

यदि आपकी इनकम स्केल यानी की आय का स्तर आयकर के लिए लागू नहीं है और आपकी कंपनी ने कर के रूप में कुछ निश्चित राशि काट दी है तो आप आइटीआर फॉर्म भरकर उस राशि को वापस पा सकते हैं आइटीआर ऐसी स्थिति में भी लागू होता है जहां अपने आवश्यक कर राशि से अधिक भुगतान किया हो आपके द्वारा दिए गए ब्योर के आधार पर आयकर विभाग कर योग्य राशि की गणना और समीक्षा करेगा यदि आप रिफंड के लिए योग्य होंगे तो यह राशि सीधे आपके अकाउंट में आ जाएगी।।


TDS

How does I.T.R work

If your income scale ie income level is not applicable for income tax and your company has deducted a certain amount as tax then you can get that amount back by filling the ITR form. ITR is also applicable in such a situation where  The Income Tax Department will calculate and review the taxable amount based on the details given by you.  Sector will arrive in your account

TDS रिफंड पर ब्यास

Beas on TDS refund

आयकर अधिनियम की धारा 200 A के तहत यदि आयकर विभाग आपके लिए लागू कर वापसी का भुगतान करने में देर करती है तो रिफंड की राशि पर आपको 6% प्रतिवर्ष साधारण ब्याज मिलेगा यह ब्यास किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल मिल से मिलना शुरू होता है हालांकि यदि टैक्स रिफंड 1 वर्ष में कुल कर का 10% से कम है तो ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है

Under Section 200A of the Income Tax Act, if the Income Tax Department fails to pay the applicable tax refund for you, then you will get a simple interest of 6% per annum on the refund amount.  However, interest is not paid if the tax refund is less than 10% of the total tax in 1 year.

दोस्तों अगर आपको मेरी बताई बातो में से कोई बात समझ नहीं आयी हो तो आप मुझे कमैंट्स कर सकते में आपकी कमैंट्स का रिप्लाई 24 घंटे के अंदर देने की कोशिश करूँगा

Friends, if you have not understood any of the things I have told you, then you can comment me, I will try to reply to your comments within 24 hours.


Thank You

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